Wednesday, May 8, 2024

क्या मुश्किल है कविता !

 

क्या मुश्किल है कविता !

सुबह   तैयारी  काम  ; लो हो गई कविता

शिशु  किलकारी  लाड़ ; लो हो गई कविता

स्त्री  गृहस्थी  खानपान ; लो हो गई कविता

कवि  संवेदना लेखन  ; लो हो गई कविता

नेता   वोट    कुर्सी   ; लो हो गई कविता

काग़ज  कलम ख़याल  ; लो हो गई कविता

युवा  पढ़ाई रोजगार  ;  लो हो गई कविता

बच्चा   खेल  खुशी ;  लो हो गई कविता

 बचपन  जवानी  बुढ़ापा  ; लो हो गई कविता

मजदूर  दिहाड़ी  खाना ; लो हो गई कविता

 बीमार  दवा  ईलाज ; लो हो गई कविता

अंबर  बादल  बरसात ; लो हो गई कविता

बीज  फसल दाम  ; लो हो गई कविता 

जल थल आकाश ; लो हो गई कविता

अन्याय संघर्ष अधिकार  ; लो हो गई कविता

वृद्ध परिवार  सम्मान ; लो हो गई कविता

अध्यापक विद्यार्थी ज्ञान ; लो हो गई कविता

दाढ़ी  नाई  हजामत ; लो हो गई कविता

    काम  तनख्वाह तरक्की ; लो हो गई कविता

रोटी  कपड़ा  मकान ; लो हो गई कविता

दुकान  समान खरीदार ; लो हो गई कविता

                               लम्हा याद  मुस्कान   ; लो  हो गई कविता



क्या मुश्किल है कविता !

  क्या मुश्किल है कविता ! सुबह   तैयारी  काम  ; लो हो गई कविता शिशु  किलकारी  लाड़ ; लो हो गई कविता स्त्री  गृहस्थी  खानपान ; लो हो गई कविता...