किताबें
किताबें क्या हैं !
केवल कुछ पन्ने ,सतरों से भरे ,
एक जिल्द से जुड़े ,चुपचाप पड़े ,
बाट जोहते अपने पाठक की !
ऐसा नहीं ,नहीं है ऐसा ,
ठहरो दो पल इनके पास ,
किताबे शोर मचाती हैं ,
अपने पास बुलाती हैं ,
देखो तो ,खोलो,पढ़ो तो इनको ,
बातें खूब करेंगी तुमसे ,
ज्ञान की, विज्ञानं की,
वाणिज्य की,समाज की,
भविष्य की ,इतिहास की,
सपनों की,यथार्थ की,
धरती की , आकाश की,
खेल की ,रहस्य की,
संघर्ष की, उत्कर्ष की,
प्रेम की ,युद्ध की,
शान्ति की,सौहार्द की ,
ये हसाएंगी तुम्हे,रुलायेंगी ,
सिखाएंगी और बतलाएंगी ,
विस्मित ,चकित और मुग्ध करेंगी ,
जीवन से भर जाएंगी,
इनके देश में जाकर देखो ,
इनको पास बुलाकर देखो ,
इनके संग तुम चलना सीखो,
इनको मीत बनाकर देखो ,
अपनी मैत्री के बदले में ,
ज्ञानधन की सुगंध से
भरपूर तुम्हेँ कर जाएंगी ☺
अति उत्तम
ReplyDeleteThanks
DeleteBooks are life 🍓 written beautifully
ReplyDeleteG .k.