Monday, October 7, 2019

MY FIRST HINDI POST


                                                    किताबें 


किताबें क्या हैं !
केवल कुछ पन्ने ,सतरों  से भरे ,
एक जिल्द से जुड़े ,चुपचाप पड़े ,
बाट जोहते अपने पाठक की !
ऐसा नहीं ,नहीं है ऐसा ,
ठहरो दो पल इनके पास ,
किताबे शोर मचाती  हैं ,
अपने पास बुलाती हैं ,
देखो तो ,खोलो,पढ़ो  तो इनको ,
बातें खूब करेंगी तुमसे ,
ज्ञान की, विज्ञानं की,
वाणिज्य  की,समाज की,
भविष्य की ,इतिहास की,
सपनों की,यथार्थ  की,
धरती की , आकाश की,
खेल की ,रहस्य की,
संघर्ष  की, उत्कर्ष की,
प्रेम की ,युद्ध की,
शान्ति की,सौहार्द  की ,
ये  हसाएंगी  तुम्हे,रुलायेंगी  ,
सिखाएंगी और बतलाएंगी ,
विस्मित ,चकित और मुग्ध करेंगी ,
जीवन से भर  जाएंगी,
       इनके  देश में जाकर देखो ,
       इनको पास बुलाकर देखो ,
      इनके संग तुम चलना सीखो,
      इनको मीत  बनाकर देखो ,
      अपनी मैत्री  के बदले में ,
       ज्ञानधन की  सुगंध  से
      भरपूर तुम्हेँ  कर  जाएंगी



      




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क्या मुश्किल है कविता !

  क्या मुश्किल है कविता ! सुबह   तैयारी  काम  ; लो हो गई कविता शिशु  किलकारी  लाड़ ; लो हो गई कविता स्त्री  गृहस्थी  खानपान ; लो हो गई कविता...